तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर शौचालय की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि बिहार में चंद मिनटों के उपयोग के लिए बना रेड कार्पेट वाला सबसे वीवीआईपी शौचालय! चंद माह पूर्व प्रगति यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के एक घंटे के कार्यक्रम में चंद सेकंड के उपयोग के लिए सात लाख 41 हजार की लागत से एक अस्थायी वीवीआईपी टॉयलेट का निर्माण कराया गया। आरटीआई से खुलासा हुआ है कि गरीब राज्य के सबसे वंचित और पिछड़े जिले अररिया के रानीगंज में मुख्यमंत्री ने यह कारनामा कराया। सर्वविदित है कि आम आदमी को शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार की सरकारी राशि तय है जिसमें 20 फीसदी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता है। इन सात लाख 41 हजार रुपयो से गरीबों के लिए 37 स्थायी शौचालयों का निर्माण कराया जा सकता था। इतना ही नहीं सरकारी खजाना को लेकर भी तेजस्वी यादव ने आज प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए अत्यंत चिंता का विषय है कि एनडीए की दिवालिया राजनीति और दिवालिए नेतृत्व के कारण प्रदेश की बिगड़ चुकी वित्तीय स्थिति, घटता राजस्व, बढ़ता राजकोषीय घाटा, अत्यधिक कर्ज, भारी ब्याज अदायगी तथा खोखली व अदूरदर्शी नीतियों के कारण हमारा बिहार कंगाल होने के कगार पर है। खज़ाना खाली होने के कारण प्रदेश में अराजकत वित्तीय हालात है। नौसिखिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार का बजटीय प्रबंधन इतना बुरा, वित्तीय स्थिति इतनी बदतर और परिस्थितियां इतनी भयावह है कि वित्तीय वर्ष 𝟐𝟎𝟐𝟔-𝟐𝟕 के मात्र तीन महीने ही बीते है और सामान्य मासिक पेंशन दिए जाने वाले जैसे रूटीन भुगतान और कार्यों के लिए भी आकस्मिक निधि से 3662 करोड़ रुपए की निकासी करनी पड़ रही है।
Bihar Chief Minister's Lavish Toilet Construction Sparks Outrage
Amar Ujala•

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