प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माकपा के महासचिव एमए बेबी ने किया। इसमें पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य आर. अरुण कुमार और तपन सेन, राज्यसभा सांसद वी. शिवदासन तथा अन्य नेता शामिल थे।विज्ञापनप्रतिनिधिमंडल ने फैब्रैक्ट क्लोदिंग कंपनी के श्रमिकों से भी मुलाकात की। इनमें से करीब 50 कर्मचारियों ने अप्रैल के विरोध के बाद मजदूर आंदोलन से जुड़ना शुरू किया था। इसी तरह विब्राकोस्टिक इंडिया के श्रमिक प्रतिनिधियों ने भी माकपा नेताओं से मुलाकात की और आरोप लगाया कि प्रबंधन मजदूर संगठन बनाने से रोकता है और नेतृत्व करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है।विज्ञापनTrending Videosमुलाकात के बाद एमए बेबी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर पुलिस हिंसा और फर्जी मामलों में फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जेल में बंद श्रमिकों से मिलने के लिए प्रतिनिधिमंडल को अनुमति नहीं दी गई। बेबी ने कहा, पिछले कई दिनों से हम अपने सांसद वी. शिवदासन के जरिये जेल में बंद श्रमिकों से मिलने की अनुमति मांग रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि उच्च स्तर पर इसे मंजूरी नहीं दी गई।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ कैदियों को जमानत याचिका दायर करने और पर्याप्त कानूनी सहायता पाने में दिक्कतें आ रही हैं, जो उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। माकपा ने कहा कि वह श्रमिकों को कानूनी सहायता और राजनीतिक समर्थन देना जारी रखेगी। पार्टी ने यह भी कहा कि गिरफ्तारियां, नौकरी से निकाले जाना और मजदूरों पर लगाए गए प्रतिबंध मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों को दिखाते हैं, लेकिन मजदूरों की एकता ही इसका सबसे मजबूत जवाब है।
CPI(M) Delegation Accuses UP Government of Police Violence and Repression
Amar Ujala•

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