India Stops Sharing Water with Pakistan: Union Minister Reveals Timeline for Delivering Water to Domestic Areas

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India Stops Sharing Water with Pakistan: Union Minister Reveals Timeline for Delivering Water to Domestic Areas
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एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम India@2047 Conclave में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने हर घर जल और केंद्र सरकार के कामों पर बात की. इस दौरान उन्होंने ये भी बताया कि भारत कब तक पूरी तरह से पाकिस्तान का पानी बंद कर देगा. पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद और बातचीत को अलग न करने की नीति अपनाते हुए पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को स्थगित करने का कड़ा कदम उठाया. केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल से पूछा गया कि भारत कब तक पूरी तरह से पाकिस्तान का पानी बंद कर देगा. इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'पानी तो रोक दिया गया है. अभी हमारे पास पानी संग्रह करने की व्यवस्था नहीं है, लेकिन उस पर काम हो रहा है. अगले दो साल में जहां-जहां पानी की कमी है वहां ये पानी को पहुंचाया जाएगा. हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली वहां के पानी को पहुंचाया जाएगा. आज यमुनी में पानी नहीं है इस लिए वो ज्यादा गंदी लगती है. उसमें और पानी की जरूरत है.' सीआर पाटिल ने यह भी स्पष्ट किया कि जल सुरक्षा अब केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक नीति का भी अहम हिस्सा बन चुकी है. उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मुद्दे पर “दीर्घकालिक और राष्ट्रीय हित” को ध्यान में रखकर काम कर रही है. पीएम मोदी के कार्यकाल में नल से जल की 8 लाख करोड़ की बड़ी योजना आई जो हर घर तक पानी पहुंचाने की आई. देश की सभी नदियों को स्वच्छ करते हुए उसे बड़ी नदियों से जोड़ने को कहा गया है. स्वच्छता के अंदर भी करीब 12 करोड़ शौचालय बनाए और उसके कारण 60 करोड़ लोगों की आदत बदल गई है. अगर हमें 2047 तक विकसित भारत बनानी है और हमारे देश में किसी के पास टॉयलेट नहीं है, घर में नल से जल नहीं है तो ये विकसित भारत कैसे हो सकता है. सीआर पाटिल के मुताबिक, जल जीवन मिशन के तहत अब तक देश के 16 करोड़ घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है. उन्होंने कहा कि पहले कई राज्यों से “नल है मगर जल नहीं” जैसी शिकायतें आती थीं, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए टेक्नोलॉजी आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया. पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर पाइपलाइन नेटवर्क को मैप किया गया है ताकि जल आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि इस योजना का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है. पहले करीब 9 करोड़ महिलाओं को दूर-दराज इलाकों से पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, लेकिन अब उनके समय और मेहनत दोनों की बचत हो रही है. उन्होंने WHO की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि जल जीवन मिशन ने लोगों के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में बड़ा सुधार किया है. जल संकट को लेकर पाटिल ने कहा कि भारत में हर साल करीब 4000 BCM बारिश होती है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या पानी की कमी नहीं बल्कि उसके प्रबंधन की रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार जल संरक्षण, वैज्ञानिक सर्वे और रिवर लिंकिंग परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का रिवर लिंकिंग का सपना अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है. केन-बेतवा परियोजना से 10 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को पानी मिलेगा, जबकि राजस्थान की जल समस्या को दूर करने के लिए पीकेसी परियोजना पर भी तेजी से काम जारी है.

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Publisher: ABP News

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