पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की मुखिया ममता बनर्जी के बड़ा झटका लगा है। विधानसभा स्पीकर ने बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता विपक्ष बनाया है। ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उनको 60 विधायकों का समर्थन हासिल है। टीएमसी से निकाले गए नेता संदीपन साहा ने कहा कि हमने अभी-अभी चिट्ठी सौंपी है। नेता प्रतिपक्ष (LoP) के लिए तय कमरा आधिकारिक तौर पर अलॉट कर दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष अभी वहीं बैठे हैं। #WATCH | Kolkata, West Bengal: Expelled TMC leader Sandipan Saha says, "We have just submitted the letter. The room designated for the Leader of the Opposition (LoP) has been officially allotted. The LoP is currently seated there... It is our desire that Mamata Didi continues to… pic.twitter.com/Fdb0MLEEv4 संदीपन साहा ने कहा कि हमारी इच्छा है कि ममता बनर्जी हमारी सलाहकार बनी रहें और हमें अपनी सलाह देती रहें, ताकि हम, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य सचेतक के साथ मिलकर, विधानसभा के अंदर पार्टी को प्रभावी ढंग से चला सकें। उन्होंने कहा कि पार्टी की जो बुरी हालत आज हो गई है, कुछ हद तक, वह अभिषेक बनर्जी की नाकामी है। आखिर, अगर जब सब कुछ अच्छा होता है तो आप उसका श्रेय लेते हैं, तो जब चीजें गलत होती हैं तो आपको उसकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। वहीं टीएमसी नेता प्रसून बनर्जी ने कहा ने कहा कि भाजपा के खिलाफ हमारा राजनीतिक संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा। हमारी वैचारिक लड़ाई चलती रहेगी। इसके अलावा, जहां भी आवश्यक होगा, एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में सरकार के साथ हमारा सहयोग भी जारी रहेगा। आज आप जो देख रहे हैं वह कोई असाधारण बात नहीं है। यह केवल इस बात का प्रतीक है कि अधिकांश विधायकों ने सामूहिक रूप से चार नेताओं का चुनाव किया है जो विधानसभा में हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे और हमारा नेतृत्व करेंगे। ऋतब्रत बनर्जी क्यों हुए बागी? ममता दीदी से बगावत और तृणमूल में कैसे बने प्रमुख चेहरा; Inside Story तृणमूल में बढ़ी अंदरूनी कलह, मुख्यमंत्री शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में शामिल हुए 20 विधायक 58 MLA टूटे तो ममता से छिन जाएगी TMC? क्या कहता है दलबदल कानून; जानें पूरा गणित अंडे फेंके जाने से डरे 'जननेता' अभिषेक मांग रहे केंद्रीय सुरक्षा, निष्कासित तृणमूल विधायक का तंज बंगाल में शिवसेना मॉडल, दीदी के खिलाफ 'शिंदे' बना कौन? 50 विधायकों के बगावत की अटकलें उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में, सत्ताधारी सरकार और विपक्ष दोनों का सदन में उपस्थित होना, संवाद करना और रचनात्मक बहसों में भाग लेना आवश्यक है। इसलिए, विधानसभा के सभी विधायकों ने सामूहिक रूप से यह कदम उठाने का निर्णय लिया। 58 MLA टूटे तो ममता से छिन जाएगी TMC? क्या कहता है दलबदल कानून; जानें पूरा गणित
TMC Leader Sandipan Saha Secures Official Allotment for Leader of Opposition Room in West Bengal
Dainik Jagran•

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