अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वो परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई अमेरिका के साथ जारी वार्ताओं में सीधे तौर पर शामिल हैं. ट्रंप ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने ऐसी खबरें सुनी हैं कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की तबीयत ठीक नहीं चल रही है, लेकिन इसके बावजूद वो अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं को अपनी मंजूरी दे रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अब तक खामेनेई से मिलने का 'सौभाग्य' नहीं मिला है. ट्रंप ने कहा, 'मैं उनसे मिलना चाहूंगा. परिस्थितियां जिस तरह आगे बढ़ेंगी, उसके आधार पर संभवतः किसी समय हमारी मुलाकात होगी.' ट्रंप ने ईरान के परमाणु प्रोग्राम को लेकर कहा, 'वो (ईरान) पहले ही इस बात पर सहमत हो चुका है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा.' उन्होंने दोहराया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और संकेत दिया कि दोनों पक्षों के बीच किसी व्यापक समझ पर पहले ही सहमति बन चुकी हो सकती है. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई अमेरिका के साथ हो रही वार्ताओं में सीधे तौर पर शामिल हैं. ईरान में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'फिलहाल हमें जमीनी सैनिकों की जरूरत नहीं है.' ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु तनाव को बढ़ने से रोकने और व्यापक मध्य-पूर्व क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं. ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है, भले ही दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहे. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वो ईरान के साथ हुए युद्ध को एक बड़ी सफलता के रूप में देखते हैं, क्योंकि उनके अनुसार, ईरान की सैन्य शक्ति को हरा दिया गया है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के साथ शुरू हुए इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झकझोर दिया है. ट्रंप ने ईरान युद्ध को लेकर कहा, 'ईरान एक बड़ी सफलता है. आगे क्या होता है, यह देखेंगे. हम एक समझौते पर काम कर रहे हैं. अगर समझौता हो जाता है तो अच्छा है, और अगर नहीं होता तो भी ठीक है. तब हम दूसरा रास्ता अपनाएंगे.' इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्होंने लेबनान में जारी संघर्ष को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के फोन पर हुई बातचीत में उन्हें 'पागल' कहा था. उस समय अमेरिका ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत कराने की कोशिश कर रहा था. इंटरव्यू में ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्होंने नेतन्याहू को 'पागल' कहा था और उन पर एहसानफरामोशी का आरोप लगाया था. इसके जवाब में ट्रंप ने कहा, 'हां, मैंने ऐसा कहा था. मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं गुस्से में था, लेकिन लेबनान के साथ उनकी लगातार लड़ाई से मैं कुछ परेशान जरूर था.' हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके और नेतन्याहू के संबंध बहुत अच्छे हैं. Axios की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि सोमवार को हुई बातचीत में ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा था, 'तुम पागल हो गए हो. अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते. मैं तुम्हें बचा रहा हूं. अब हर कोई तुमसे नफरत करता है. इस वजह से हर कोई इजरायल से भी नफरत करता है.' ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, 'एक समय मैंने बिबी (नेतन्याहू) से कहा कि हमें यह सब रोकना होगा. हमें इसे खत्म करना होगा.' ईरान पहले ही कह चुका है कि वो अमेरिका के साथ युद्ध समाप्त करने के किसी समझौते पर तब तक सहमत नहीं होगा, जब तक युद्धविराम में लेबनान को भी शामिल नहीं किया जाता. इजरायल ने मार्च में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह के खिलाफ ऑपरेशन के तहत लेबनान में सैन्य कार्रवाई शुरू की थी. हिज्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल की सीमा पर हमले किए थे.
Trump Claims Iran Agrees Not to Develop Nuclear Weapons
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