अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के ऐतिहासिक कैनेडी हॉल में पहली बार कुछ ऐसा हुआ, जिसे परिसर के इतिहास में एक बड़े सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. एएमयू में आयोजित 'मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी' के दौरान परिसर में 'जय श्री राम' और 'भारत माता की जय' के नारे गूंजे. इस भव्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान एवं कृषि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने इन नारों को देश में हो रहे बड़े बदलाव और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताया. एएमयू का कैनेडी हॉल आमतौर पर अकादमिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विमर्शों के लिए जाना जाता है. यह इतिहास में पहला मौका था जब इस शिक्षा के मंदिर में उत्तर प्रदेश सरकार के तत्वावधान में किसी बड़े सरकारी और राजनीतिक कृषि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बीजेपी के स्थानीय विधायकों, दो विधान परिषद सदस्यों (MLC), अलीगढ़ मंडल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और कार्यक्रम स्थल छावनी में तब्दील नजर आया. इसी बीच राज्यमंत्री ने एएमयू के म्यूजियम में रखी प्राचीन वस्तुओं का भी अवलोकन किया. मंच से संबोधित करते हुए कृषि राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने एएमयू के इस बदले स्वरूप पर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने इसे देश के बदलते राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य से जोड़ते हुए कहा, "जिस तरह आज पूरा देश बदल रहा है, ठीक उसी तरह का एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में देखने को मिला है. इससे पहले कभी एएमयू के अंदर इस तरह का कार्यक्रम नहीं हुआ था." आगे उन्होंने कहा, "आज एएमयू के इस प्रतिष्ठित कैनेडी हॉल में अन्नदाता किसान और भाजपा के राष्ट्रभक्त नेता एक साथ मौजूद हैं, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा परिवर्तन है. कैनेडी हॉल के भीतर आज जो 'भारत माता की जय' के नारे लगे हैं, यह हमारी सनातन संस्कृति की ताकत और उसकी गूंज है, जो हर देशवासी को आपस में जोड़ती है." इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी और नई तकनीकों के प्रति जागरूक करना था. राज्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हुए प्रदेश के कृषि क्षेत्र की एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि देश का पहला अत्याधुनिक 'आलू अनुसंधान केंद्र' ताजनगरी आगरा में स्थापित किया गया है. इस केंद्र के माध्यम से क्षेत्र के आलू उत्पादक किसानों को उन्नत किस्म के बीज और वैज्ञानिक तकनीक मिल सकेगी, जिससे उनकी खेती की लागत कम होगी और मुनाफा कई गुना बढ़ेगा. गोष्ठी के समापन सत्र में वक्ताओं ने बताया कि सरकार की ड्रिप इरिगेशन, पॉलीहाउस खेती और औद्यानिक फसलों पर मिलने वाली सब्सिडी जैसी योजनाओं के कारण आज का किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर व्यावसायिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है. अलीगढ़ प्रशासन के आला अधिकारियों ने भी किसानों को आश्वस्त किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे उनके बैंक खातों तक पहुंचाया जा रहा है. एएमयू में संपन्न हुई यह गोष्ठी कृषि विकास के साथ-साथ अपनी इस अप्रत्याशित राजनीतिक हलचल के लिए भी इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है.
Uttar Pradesh Government Organizes Agricultural Program at Aligarh Muslim University, Marking Cultural Shift
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